भारत के 10 मंदिर जहां चढ़ाई जाती है शराब । Temple where liquor is offered to God

 1. काल भैरव मंदिर, उज्जैन :

काल भैरव मंदिर

यह मंदिर बहुत ही रहस्यों से भरा है, काल भैरव का यह चमतत्कारि मंदिर छह हजार साल पुराना माना जाता है। इसे तांत्रिक मंदिर भी माना जाता है, तांत्रिक अपनी तंत्र साधना के लिए यहाँ आते है प्राचीन समय में तंत्र साधना के लिए यहा पशु बलि की प्रथा थी लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया।

यहाँ बाबा भैरव नाथ की स्वयं भू प्रतिमा है, यहाँ बाबा साक्षात् विराजित है। बाबा भक्तो द्वारा लाई गई शराब का सेवन करते है। पुजारी द्वारा शराब को प्याले में रख कर बाबा के मुख पर लगाया जाता है और शराब गायब हो जाती है यानी भैरव बाबा की प्रतिमा द्वारा उसका सेवन कर लिया जाता है। बाबा का ये चमत्कार भक्तो को अपनी ओर आकर्षित करता है। 

एक जमाने में एक अंग्रेज अधिकारी ने मंदिर की खासी जांच करवाई थी। लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ। उसने प्रतिमा के आसपास की जगह की खुदाई भी करवाई लेकिन किसी भी राज से पर्दा नहीं हटा। बाद में हार मान कर वह अंग्रेज अधिकारी बाबा का भक्त बन गया।

2. भुवाल माता-माता मंदिर, नागौर :

भुवाल माता-माता मंदिर, नागौर

यहाँ देवी को ढाई प्याला शराब चढ़ाई जाती है। माता को चांदी के प्याले में शराब का भोग लगाया जाता है। देवी के मुंह से शराब से भरा चांदी का प्याला लगाते ही शराब गायब हो जाती है, प्याले को  दो बार पूरी तरह भरकर देवी को शराब अर्पित की जाती है और तीसरी बार प्याला आधा भरा जाता है। कहते हैं माता ढाई प्याला शराब ही ग्रहण करती हैं।

यहाँ माता काली व ब्राह्मणी दो स्वरूप में पूजी जाती हैं। काली को शराब और ब्राह्मणी को मिठाई का भोग लगाया जाता है माता एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे पृथ्वी से स्वयं प्रकट हुई थीं। इस स्थान पर डाकुओं के एक दल को राजा कि फौज ने घेर लिया था। मृत्यु को निकट देखकर उन्होंने माँ को याद किया माँ ने अपनी शक्ति से डाकूओं को भेड़-बकरी के झुंड में बदल दिया और उनकी जान बच गई। डाकूओं ने लूट के माल से मंदिर का निर्माण करवाया।

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3. खबीस बाबा मंदिर, लखनऊ :

खबीस बाबा का मंदिर उत्तर प्रदेश में सीतापुर जिले में स्थित है। खबीस बाबा को उनकी शक्तियों के लिए भी जाना जाता था। लखनऊ के पास स्थित खबेस बाबा मंदिर में, भक्त शराब चढ़ाते हैं।मंदिर में कोई मूर्ति या पुजारी नहीं है। इसके बजाय, इसमें दो चप्पल के आकार की संरचनाएँ हैं। संत खाबीस बाबा के पैरों के प्रतीक के रूप में ली गई हैं। ऐसा माना जाता है कि खाबीस बाबा हर शाम शराब पीते थे और अपने बीमार अवस्था में लोगों की बीमारियों का इलाज करते थे। प्रतीकात्मक पैरों के चारों ओर शराब एकत्र की जाती है और भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में वितरित की जाती है।

4. काशी के कोतवाल, बाराणसी :

काशी के कोतवाल

एक कथा के अनुसार एक बार ब्रह्मा जी और विष्णु जी में श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद सभी भगवान शिव के पास गए। कुछ बातों को लेकर ब्रह्मा जी
, भगवान शिव को भला-बुरा कहने लगे। इसके बाद भगवान शिव को गुस्सा आ गया। भगवान शिव के गुस्से से ही काल भैरव जी प्रकट हुए और उन्होंने ब्रह्मा जी का सिर काट दिया था।

काल भैरव पर ब्रह्म हत्या का दोष लगने के बाद वह तीनों लोकों में घूमे। लेकिन उनको मुक्ति नहीं मिली। इसके बाद भगवान शिव ने आदेश दिया कि तुम काशी जाओ, वहीं मुक्ति मिलेगी। इसके बाद वह काल भैरव के रूप में वह काशी में स्वयं भू प्रकट हुए। बाबा काल भैरव को इस शहर का कोतवाल कहा जाता है मंदिर में बाबा को शराब चढ़ाई जाती है। शराब उन्हें बहुत प्रिय है।

5. ओम बन्ना मंदिरपाली :

ओम बन्ना मंदिर, पाली। Om Banna Temple, Pali, Rajasthan

ओम बन्ना मंदिर एक छोटा-सा मंदिर है जो ओम सिंह राठौर, एक राजपूत ठाकुर और उनकी बाइक 350 सीसी रॉयल एनफील्ड बुलेट को समर्पित है। स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, एक बार जब ओम सिंह राठौर ने अपनी बाइक से जाते हुए नियंत्रण खो दिया और पास के पेड़ से टकरा गए थे। वह अपनी बाइक से गिर पड़े और उनकी मृत्यु हो गई।

बाद में, जब पुलिस दुर्घटना का निरीक्षण करने आई, तो वे बाइक को पुलिस स्टेशन ले गए। लेकिन अगले दिन, बाइक दुर्घटना स्थल पर मिली। पुलिस बाइक को फिर से ले गए, इसे एक लॉक के साथ जंजीर में बाँध दिया और पेट्रोल टैंक खाली कर दिया। लेकिन अगले दिन फिर से बाइक थाने से गायब हो गई और दुर्घटना स्थल पर मिली। जब स्थानीय लोगों को इसके बारे में पता चला, तो उन्होंने ओम बन्ना को समर्पित एक मंदिर बनाया और बाइक की पूजा करने लगे। तब से इसे बुलेट बाबा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में ओम बन्ना को शराब चढ़ाई जाती है। भक्त यहाँ शराब चढ़ाकर मन्नत मांगते है।

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6. काल भैरव मंदिर, दिल्ली :

दिल्ली में भैरों मंदिर को महत्त्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। हर रविवार को हजारों पर्यटक मंदिर में आते हैं। यह मंदिर दो भागों में विभाजित है, पहला है दुधिया भैरों मंदिर (जहाँ दूध चढ़ाया जाता है) और दूसरा किलकरी भैरों मंदिर (जहाँ शराब चढ़ायी जाती है) मंदिर के प्रमुख देवता भैरों महाराज है। इसमें आगंतुकों द्वारा शराब, फल, मिठाई, फूल और नारियल चढ़ाया जाता है।

7. जीवा मामा मंदिर, वड़ोदरा :


बड़ौदा के मांजलपुर गाँव में जहाँ जीवा मामा का मंदिर स्थित है। यहाँ लोग अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर शराब और सिगरेट चढ़ाते हैं। उन्होंने एक पूरे गाँव को डकैतों के खतरे से बचाया और इस प्रक्रिया में वह बुरी तरह घायल हो गये और गाँव को बचाने में शहीद हो गये। चूँकि जीवा मामा मांस, शराब और सिगरेट के  शौकीन थे, इसलिए मंदिर में जीवा मामा कि मूर्ति को शराब और सिगरेट चढ़ाया जाता है।

8. भद्रकाली मंदिर, अमृतसर :


अमृतसर शहर के खजाना गेट स्थित एक प्राचीन और अदभुत देवी मंदिर स्थित है। यह मंदिर लगभग 1500 से 1600 बर्ष पुराना है माना जाता है कि इस मंदिर का जीर्णोद्धार आदि गुरु शंकराचार्य ने करवाया था, इससे पहले मंदिर छोटा हुआ करता था। यह सिद्ध पीठ माँ भद्रकाली मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। जहाँ आज भी शराब, मांस का प्रसाद और जीवित मुर्गा, बकरा आदि चढ़ाते हैं। भद्रकाली मेले के दौरान कन्या पूजन और ब्रह्मभोज भी करवाया जाता है।

9. दक्षिणा काली का मंदिर, हरिद्वार :

दक्षिणा काली का मंदिर, हरिद्वार। Dakshina Kali Temple, Haridwar

हरिद्वार में स्थित यह दक्षिण काली मंदिर सिद्धपीठ है। सिद्धपीठ माँ दक्षिण काली मंदिर में भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। इस पीठ की देवी का मुख पूरब दिशा कि ओर है। एक मान्यता के अनुसार यहाँ पर काले और सफेद रंग के नाग-नागिन के जोड़े रहते हैं। लेकिन ये किसी को नजर नहीं आते। माँ काली को हर शनिवार कई श्रद्धालु शराब चढ़ाने आते हैं। इसके पीछे मान्यता यह है कि देवी को शराब चढाने से शराब की लत छूट जाती है। यानी नशे से मुक्ति के लिए यहाँ शराब चढ़ाने की प्रथा है।

10. महामाया देवी, इंदौर :

मध्यप्रदेश के इंदौर में स्थित महामाया देवी मंदिर स्थित है। मंदिर के भीतर 24 काले पत्थरों के खंभे है इसलिए इसे 24 खंबा माता के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में नवरात्र की अष्टमी तिथि को देवी की पूजा शराब चढ़ा कर की जाती है। विक्रमादित्य नगर की रक्षा के लिए नगर की देवी की पूजा करते थे। इस पूजा में शराब का भी प्रयोग किया जाता था। आज भी इस परंपरा को निभाया जाता है। विपदाओ से रक्षा के लिए यहाँ शराब चढ़ा कर माता का आशीर्वाद भी लिया जाता है।
भारत के 10 मंदिर जहां चढ़ाई जाती है शराब । Temple where liquor is offered to God भारत के 10 मंदिर जहां चढ़ाई जाती है शराब । Temple where liquor is offered to God Reviewed by Bharat Darshan on अगस्त 14, 2021 Rating: 5

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