एक मंदिर जहां लोग बन जाते है पत्थर के । A temple where people become stone

एक मंदिर जहां कदम रखते ही लोग पत्थर के बन जाते है । A Temple Where People Step into Stone

राजस्थान में बाड़मेर जिले के सिहानी में एक ऐसा गुमनाम मंदिर है जहाँ कदम रखते ही लोग पत्थर के बन जाते है। हम बात कर रहे है बाड़मेर के किराडू शहर की जो थार रेगिस्तान में है। खंडहर हो चुके इस मन्दिर की कहानी बहुत ही रोचक है। आज भी रात के समय यहा जाने से लोग डरते है। इन मंदिरों की स्थापत्य कला आपको स्तब्ध कर देगी। इन मंदिरों की दीवारों पर बारीक और विस्तृत कार्य हमारे हिंदू जीवन शैली, सांस्कृतिक प्रभाव और हमारे राजाओं की महिमा का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। मंदिर की दीवारों पर,आपको कई जानवरों के रूपों के साथ-साथ देवी-देवताओं की विभिन्न जटिल नक्काशी देखने को मिलेगी।

किराडू मंदिर का इतिहास । History of Kiradu Temple :

ऐसा माना जाता है कि इन मंदिरों का निर्माण राजपूतों के किराड़ या किरार वंश ने ११वीं और १२वीं शताब्दी में करवाया था। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी दावा है कि मंदिरों का निर्माण चालुक्य राजाओं ने किया था।

खंडहर हो चुके किराडू के इन मंदिरो में कम से कम पांच मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं। इन पांचो मंदिरो में से शिव मंदिर कुछ हद तक सुरक्षित बचा हुआ है। इन मंदिरों का निर्माण 11-12वीं शताब्दी के दौरान सोलंकी राजाओं ने करवाया था। ये वास्तुकला कि सोलंकी शैली से स्पष्ट जुड़ाव दर्शाते हैं। मंदिर की विशाल संरचना इतनी जटिल रूप से बनाई गई है जो देखते बनती है। हालाँकि, जैसे-जैसे विदेशी आक्रमणकारियों के हमलों की आवृत्ति बढ़ती गई, इन मंदिरों को एक के बाद एक नष्ट कर दिया गया।

एक मंदिर जहाँ कदम रखते ही लोग पत्थर के बन जाते है । A Temple Where People Step into Stoneएक मंदिर जहाँ कदम रखते ही लोग पत्थर के बन जाते है । A Temple Where People Step into Stone

किराडू मंदिर के पीछे की कहानी । Story of Kiradu Temple :

किंवदंती के अनुसार कई वर्षों पहले किराडू में एक तपस्वी साधु ने डेरा डाला था। उनके शिष्यों की एक टोली भी थी जो हमेशा उनके साथ ही रहती थी। तपस्वी साधु एक दिन शिष्यों को उस गाँव में गाँव वालो के भरोसे छोड़कर देशाटन के लिए चले गए। इस बीच भोजन के अभाव में भूख के कारण शिष्यों का स्वास्थ्य बहुत खराब हो गया। लेकिन गाँव वालों ने उनकी कोई मदद नहीं की।

एक मंदिर जहां लोग पत्थर के बन जाते है । A temple where people become stone

तपस्वी जब वापस किराडू लौटे और अपने शिष्यों की दुर्दशा देखी तो गाँव वालों पर बहुत क्रोधित हुए और उनको श्राप दिया कि जहाँ के लोगों के हृदय पाषाण के हैं। जिनमे इंसानियत खत्म हो चुकि हो वह इंसान बने रहने योग्य नहीं हैं इसलिए सब पत्थर के बन जाएँ।

एक मंदिर जहाँ कदम रखते ही लोग पत्थर के बन जाते है । A Temple Where People Step into Stone

पुरे गाँव में एक कुम्हारन ही थी जिसने शिष्यों की सहायता कि थी। तपस्वी ने उस पर दया करते हुए कहा कि तुम गाँव से चली जाओ वरना तुम भी पत्थर की बन जाओगी। लेकिन याद रखना जाते समय पीछे मुड़कर मत देखना।

कुम्हारन गाँव से चली गई लेकिन उसके मन में साधु के प्रति संदेह होने लगा कि तपस्वी की बात सच भी है या नहीं वह पीछे मुड़कर देखने लगी और वह भी पत्थर की बन गयी। किराडू के सिहणी गावं में कुम्हारन की पत्थर की मूर्ति आज भी मोजूद है जो उस घटना कि याद दिलाती है।

एक मंदिर जहां लोग पत्थर के बन जाते है । A temple where people become stone

कैसे पहुँचे । How to Reach Kiradu Temple :

किराडू मंदिर राजस्थान राज्य के बाड़मेर जिले से लगभग 35 किमी और जैसलमेर से 157 किमी की दूर पर  स्थित है। यहाँ रात में जाने की मनाही है। दिल्ली से इसकी दुरी लगभग 850 किमी है। 

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मंदिर का समय :

पर्यटकों के लिए, मंदिर परिसर सुबह 8: 00 से 6: 00 बजे तक। विदेशी नागरिकों को 200 रुपये का भुगतान करना होगा। स्थानीय लोगों के लिए, टिकट की कीमत 50 रुपये है और छात्रों को केवल 5 रुपये का भुगतान करना होगा।
एक मंदिर जहां लोग बन जाते है पत्थर के । A temple where people become stone एक मंदिर जहां लोग बन जाते है पत्थर के  । A temple where people become stone Reviewed by Bharat Darshan on अगस्त 18, 2021 Rating: 5

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